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महिला आयोग ने अखिलेश यादव के विवादित ट्वीट पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की

भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा पर एक ट्वीट को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग ने उत्तर प्रदेश पुलिस को पत्र लिखकर सपा मुखिया अखिलेश यादव के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।

अखिलेश यादव ने 1 जुलाई को ट्वीट किया था, “ना केवल चेहरे बल्कि शरीर को भी माफी मांगनी चाहिए और देश में अशांति व सद्भाव को बिगाड़ने के लिए दंडित किया जाना चाहिए।” कई लोगों ने यादव के ट्वीट को शर्मा को शारीरिक दंड देने का आह्वान बताया।

अखिलेश यादव के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए महिला आयोग की प्रमुख रेखा शर्मा ने 4 जनवरी को ट्वीट किया, “इस आदमी को देखो, जिसने खुद को एक पार्टी का नेता बताया। वह लोगों को नुपुर शर्मा पर हमला करने के लिए उकसा रहा है। उनके विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए @यूपीपुलिस @डीजीपीयूपी को पत्र लिखा है। सर्वोच्च न्यायालय से अनुरोध है कि उनके विरुद्ध स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाए।”

कुछ समय बाद रेखा शर्मा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर महिला आयोग प्रमुख के रूप से उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक डीएस चौहान को संबोधित एक पत्र साझा किया, जिसमें यादव के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए कहा गया था।

पत्र में कहा गया, “राष्ट्रीय महिला आयोग ने अखिलेश यादव के एक ट्विटर पोस्ट पर नूपुर शर्मा के विरुद्ध घृणा और द्वेष की भावना भड़काने, दो धार्मिक समूहों के मध्य सांप्रदायिक वैमनस्य को भड़काने का काम किया, जो अत्यंत निंदनीय है।”

पत्र में आगे कहा गया, आयोग ने प्रथम दृष्टया देखा है कि किया गया अपराध भारतीय दंड संहिता के निम्नलिखित प्रावधानों को आकर्षित करता है।”