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गुरुग्राम के गुरद्वारा सिंह सभा में नहीं हुई नमाज़, समिति के निर्णय पर जताई गई आपत्ति

गुरुग्राम के गुरुद्वारा सिंह सभा में शुक्रवार को नमाज़ अदा नहीं की गई। सिख समुदाय के कुछ सदस्यों ने वहाँ मुसलमानों को नमाज़ अदा करने की अनुमति देने के मंदिर प्रबंधन समिति के निर्णय का विरोध किया था।

उन्होंने कहा कि यदि समिति ने निर्णय को आगे बढ़ाया तो वे विरोध करेंगे। संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति के सदस्य दोपहर करीब 12 बजे गुरुद्वारे पहुँचे। उन्होंने वहाँ गुरु तेग बहादुर-हिंद की चादर शीर्षक वाली किताबें बाँटीं।

मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों ने त्योहार पर किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए गुरुद्वारे में नमाज़ ना पढ़ने का निर्णय किया था।

प्रबंध समिति के प्रवक्ता दया सिंह ने जानकारी दी, “हमने शुक्रवार की नमाज़ के लिए बगल के विद्यालय और गुरुद्वारे में एक खुली जगह की पेशकश की थी लेकिन मुस्लिम भाइयों ने नमाज़ नहीं पढ़ने का निर्णय किया। वे गुरुपर्व पर कोई मुद्दा नहीं चाहते थे।”

जमीयत उलेमा हिंद गुरुग्राम के अध्यक्ष मुफ्ती मोहम्मद सलीम और गुरुग्राम मुस्लिम काउंसिल के सह-संस्थापक अल्ताफ अहमद सहित एक प्रतिनिधिमंडल ने शांति और सद्भाव को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए धन्यवाद देते हुए शुक्रवार दोपहर समिति के सदस्यों से भेंट की। अहमद ने कहा कि वे नहीं चाहते कि सिख समुदाय के सदस्यों को असुविधा हो।

गुरुग्राम प्रशासन ने स्थानीय निवासियों की आपत्तियों का हवाला देते हुए शहर के 37 सार्वजनिक मैदानों में से 8 में जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति रद्द कर दी थी।

संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति के कानूनी सलाहकार कुलभूषण भारद्वाज ने कहा, “हम वहाँ नमाज़ के लिए अपने परिसर की पेशकश करने के गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के निर्णय के विरोध में नहीं गए थे। हम किसी के घर के अंदर नमाज़ अदा करने के विरुद्ध नहीं हैं, चाहे वह किसी भी समुदाय का हो। हम सार्वजनिक स्थानों पर नमाज़ अदा करने की प्रथा के विरुद्ध हैं।”