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एनएमडीसी ने ड्रोन आधारित खनिज अन्वेषण हेतु आईआईटी खड़गपुर संग समझौता किया

राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) लिमिटेड ने ड्रोन आधारित खनिज अन्वेषण के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

इस्पात मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी एक बयान के अनुसार, एनएमडीसी छह दशकों से खनिजों की एक विस्तृत शृंखला जैसे कॉपर, रॉक फॉस्फेट, चूना पत्थर, मैग्नेसाइट, हीरा, टंगस्टन और समुद्र तट की रेत के लिए खनिजों की खोज कर रहा है।

बुधवार (16 मार्च) को ड्रोन-आधारित खनिज अन्वेषण के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

एनएमडीसी के सीएमडी सुमित देब ने कहा, “एनएमडीसी देश की पहली ऐसी सरकारी कंपनी होगी, जो देश में खनिजों के खोज के लिए ड्रोन आधारित भूभौतिकीय सर्वेक्षण और हाइपर स्पेट्रकल अध्ययन करेगी। एनएमडीसी और आईआईटी खड़कपुर के मध्य हुए इस समझौते के चलते देश के खनिज क्षेत्र के लिए एक नए युग की शुरुआत होगी।”

मंत्रालय ने कहा कि समझौते के तहत एनएमडीसी और आईआईटी खड़गपुर खनन के लिए ड्रोन (यूएवी) का उपयोग करके अन्वेषण के लिए वर्णक्रमीय उत्पाद, तरीके और कलन विधि विकसित करेंगे।

एनएमडीसी और आईआईटी खड़गपुर के मध्य सहयोग से खनन प्रौद्योगिकी पर खनिज उत्खनन एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के लिए सॉफ्टवेयर स्पेक्ट्रल टूल्स विकसित किए जाएँगे।

मंत्रालय ने कहा कि एनएमडीसी मध्य प्रदेश में और छत्तीसगढ़ के बेलौदा-बेलमुंडी ब्लॉक में हीरे के लिए विभिन्न खनिजों की खोज कर रहा है।