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अरुणाचल प्रदेश-गुजरात के मध्य रुक्मिणी कृष्ण यात्रा को बढ़ावा देगा स्मारक प्राधिकरण

राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (एनएमए) अरुणाचल प्रदेश और गुजरात के मध्य रुक्मिणी कृष्ण यात्रा को बड़े पैमाने पर मजबूत करने और राष्ट्रीय स्तर पर इसे बढ़ावा देने की दिशा में काम करेगा।

रुक्मिणी और भगवान् कृष्ण की कहानी के माध्यम से अरुणाचल के गुजरात के साथ सदियों पुराने सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने के बारे में निर्णय लेने के लिए अरुणाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री चोना मीन और अध्यक्ष तरुण विजय के नेतृत्व में एनएमए के शीर्ष अधिकारियों के मध्य एक बैठक हुई।

एनएमए अध्यक्ष तरुण विजय ने कहा, “इस पर विचार किया गया कि गुजरात के लोग भीष्मक नगर और भीष्मक नगर के लोग गुजरात का दौरा करें। इससे देश के सुदूर पूर्वी और सुदूर पश्चिमी भागों के मध्य सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सकेगा। इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी द्वारा परिकल्पित राष्ट्रीय एकता और एक भारत श्रेष्ठ भारत के विचार को बढ़ावा देना है।”

एनएमए की टीम ने रुक्मिणी महल के पौराणिक भीष्मक नगर खंडहरों का दौरा किया और गाँव के कई वृद्धों से भेंट भी की। उन्होंने उन्हें भगवान् श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के विवाह की सुंदर गाथा सुनाई, जिसे अब भी इडु मिश्मी आदिवासी गीतों में गाया जाता है।

टीमों ने एक इडु मिश्मी लड़की से भी भेंट की, जिसका नाम उसके माता-पिता ने रुक्मिणी रखा है। उन्होंने उनके लिए स्थानीय रुक्मिणी भीष्मक गीत गाया, जिसे विधिवत रिकॉर्ड किया गया था। पोरबंदर में अरुणाचल की रुक्मिणी के साथ कृष्ण का विवाह भी उत्सव के साथ मनाया जाता है।