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नीति आयोग ने सार्वजनिक उपयोग हेतु राष्ट्रीय डाटा और विश्लेषणात्मक मंच लॉन्च किया

नीति आयोग ने शुक्रवार (13 मई) को सार्वजनिक उपयोग के लिए राष्ट्रीय डाटा और विश्लेषणात्मक मंच (एनडीएपी) लॉन्च किया।

इस मंच का उद्देश्य सरकारी डाटा तक पहुँच का लोकतंत्रीकरण करना है, जो इसे सुलभ, अंतःप्रचालनीय, संवादात्मक और उपयोगकर्ता को अनुकूल तरीके से उपलब्ध कराकर अनुकूल मंच देता है।

नीति आयोग की एक विज्ञप्ति में शुक्रवार को कहा गया कि एनडीएपी विभिन्न सरकारी एजेंसियों से मूलभूत डाटासेट आयोजित करता है, उन्हें सुसंगत रूप से प्रस्तुत करता है और विश्लेषण व होस्ट के लिए उपकरण प्रदान करता है।

एनडीएपी यह सुनिश्चित करने के लिए उपयोग-मामला आधारित दृष्टिकोण का अनुसरण करता है कि मंच पर होस्ट किए गए डाटासेट सरकार, शिक्षा, पत्रकारिता, नागरिक समाज और निजी क्षेत्र का डाटा उपयोगकर्ताओं की आवश्यकताओं के अनुरूप हैं।

मंच का शुभारंभ नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी, नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत, केंद्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार अनंत नागेश्वरन, विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और शिक्षाविदों व शोधकर्ताओं की उपस्थिति में किया गया।

सुमन बेरी ने कहा, “एनडीएपी जो मुख्य मूल्य जोड़ता है, वह प्रमुख मूलभूत डाटासेट को एक-दूसरे के साथ अंतःप्रचालनीय बना रहा है। यह आसान क्रॉस-सेक्टोरल विश्लेषण को सक्षम करेगा और भारत सरकार के डाटा के उपयोग का लोकतंत्रीकरण करेगा।”

नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा, “डाटा और डिजिटल प्रौद्योगिकियों का उदय तेजी से अर्थव्यवस्थाओं और समाजों को बदल रहा है, जिसका सरकारों के दैनिक कार्यों पर भारी प्रभाव पड़ रहा है। एनडीएपी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जिसका उद्देश्य डाटा-संचालित प्रकटीकरण, निर्णय लेने और अंतिम मील तक कनेक्टिंग डाटा की उपलब्धता सुनिश्चित करके भारत की प्रगति में सहायता करना है। यह एक उदाहरण है कि डाटा की शक्ति का लाभ कैसे उठाया जा सकता है।”