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तीसरी लहर का शिखर अक्टूबर में, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान ने जारी की चेतावनी

गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (एनआईडीएम) की ओर से सोमवार (23 अगस्त) को तीसरी लहर को लेकर चेतावनी जारी की गई। कहा गया है कि अक्टूबर में कोविड-19 के उच्चतम स्तर पर होने की आशंका है, जिसमें बच्चे व युवा सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, एनआईडीएम ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को अपनी रिपोर्ट भेजी है। इसमें सलाह दी गई है कि बच्चों और युवाओं के लिए चिकित्सीय सुविधाओं की उपलब्धता को बढ़ाया जाए।

रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर के अंत तक तीसरी लहर अपना असर दिखाना शुरू कर सकती है। अक्टूबर में देश में हर दिन पाँच लाख से अधिक मामले सामने आ सकते हैं। इस कारण दो महीने तक देश को फिर से परेशानी झेलनी पड़ सकती है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान ने कोविड-19 वार्डों को पुनः इस आधार पर तैयार करने की सलाह दी है, ताकि बच्चों के तीमारदार को भी साथ में रहने की अनुमति दी जा सके।

उधर, आईआईटी कानपुर ने कोविड-19 संक्रमण की तीसरी लहर के ना के बराबर आने की आशंका जताई है। वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो मणींद्र अग्रवाल ने दावा किया कि संक्रमण के पुनः विस्तारित ना होने की वजह बड़ी संख्या में टीकाकरण है। उन्होंने अपना अध्ययन गणितीय सूत्र मॉडल के आधार पर जारी किया है। इसके अनुसार अब लगातार संक्रमण कम होगा।