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एनआईए ने जम्मू-कश्मीर में टीआरएफ आतंकियों से संबंधित 16 स्थानों पर की छापेमारी

जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) की शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) से संबंधित 16 स्थानों पर राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार (12 अक्टूबर) को छापेमारी की।

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने केंद्र शासित प्रदेश के श्रीनगर, पुलवामा और शोपियां जिलों में इन छापेमारी की कार्रवाई को पूरा करने में एनआईए की सहायता की।

एनआईए ने ये छापेमारी एक नए मामले में की, जो कई तंजीमों (आतंकवादी संगठनों) के ओवर ग्राउंड वर्करों से जुड़ा है, जिसमें टीआरएफ भी सम्मिलित है।

तौसीफ अहमद वानी और फैज अहमद खान नाम के दो टीआरएफ गुर्गों को भी 10 अक्टूबर को एनआईए ने लश्कर-टीआरएफ साजिश मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद बारामूला, कुलगाम और श्रीनगर में छापेमारी की गई।

यह विशेष मामला वास्तव में इस साल 27 जून को जम्मू के बठिंडी में एक लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी से एक आईईडी की बरामदगी के संबंध में दर्ज किया गया था।

एनआईए ने उल्लेख किया कि लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तान स्थित आकाओं और उनके जम्मू-कश्मीर स्थित सहयोगियों ने आम जनता को नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से व्यापक आतंकी गतिविधियों को पूरा करने का षड्यंत्र रचा था।

एएनआई के हवाले से जाँच एजेंसी ने बताया, “उन्होंने योजना बनाई थी कि इस तरह किए गए आतंकवादी कृत्यों की जिम्मेदारी टीआरएफ ले लेगा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचा जा सकेगा। “