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एनआईए न्यायालय ने पटना में मोदी की रैली में विस्फोटों को लेकर 10 को दोषी ठहराया

एनआईए की एक विशेष न्यायालय ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक राजनीतिक रैली के स्थान पर 2013 में पटना में हुए सिलसिलेवार विस्फोटों के सिलसिले में 10 लोगों को दोषी ठहराया। उस समय मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

आदेश पारित करने वाले विशेष एनआईए न्यायाधीश गुरविंदर मेहरोत्रा ​​ने साक्ष्यों के अभाव में एक आरोपी को बरी कर दिया।

एनआईए ने जाँच के दौरान 11 लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र दायर किया था। इनमें से एक नाबालिग था और उसका मामला किशोर न्याय बोर्ड को भेजा गया था। शेष पर मामला चलाया गया था।

विशेष लोक अभियोजक ललन प्रसाद सिंह, जो जाँच एजेंसी के लिए पेश हुए ने पीटीआई-भाषा को बताया, “आज एक को छोड़कर सभी को दोषी ठहराया गया। सजा 1 नवंबर को सुनाई जाएगी।

जिनको दोषी माना गया है, उनमें इम्तियाज अंसारी, मुजीबुल्लाह, हैदर अली, फिरोज़ असलम, उमर अंसारी, इफ्तेखार, अहमद हुसैन, उमैर सिद्दीकी और अज़हरुद्दीन सम्मलित हैं। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने फखरुद्दीन को बरी कर दिया।

विस्फोट 27 अक्टूबर 2013 को गांधी मैदान में हुआ था, जब मोदी द्वारा संबोधित भाजपा की हुंकार रैली चल रही थी। उन्हें पार्टी का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया था।

विस्फोट और उसके बाद भगदड़ में 6 लोगों की जान चली गई थी, जबकि कई लोग घायल हो गए थे। हालाँकि, घटना की किसी भी आतंकी संगठन ने ज़िम्मेदारी नहीं ली थी लेकिन सिमी और उसके नए अवतार इंडियन मुजाहिद्दीन की संलिप्तता का संदेह है।