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भ्रष्टाचार के विरुद्ध शून्य सहनशीलता- उप्र में 201 अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के लिए शून्य सहनशीलता नीति के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार के मामले में नामित 201 अधिकारियों व कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है, द टाइम्स ऑफ इंडिया  ने रिपोर्ट किया।

अनिवार्य सेवानिवृत्ति एक रिपोर्ट के आधार पर दी गई है जिसमें उन सरकारी कर्मचारियों की सूची थी जिनपर भ्रष्टाचार का मामला चल रहा है और जिनकी आयु 50 से अधिक है। यह रिपोर्ट सौंपने वाली समिति को स्वयं योगी आदित्यनाथ में सत्ता में आने के बाद नियुक्त किया था।

अधिकांश अधिकारी गृह विभाग के थे जहाँ से 51 लोगों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है। इसके अलावा 36 कर्मचारी राजस्व विभाग और आठ प्राथमिक शिक्षा विभाग से थे। अन्य 417 लोगों पर जाँच चल रही है और उन्हें भी दंड दिया जा सकता है।

अब राज्य सरकार 50 वर्ष से कम आयु के अधिकारियों पर भी इसी प्रकार का कदम उठाने की तैयारी में है। भ्रष्टाचार के आरोप से कलंकित कर्मचारियों की संभवतः पदोन्नति नहीं की जाएगी।