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जगनमोहन रेड्डी सरकार ने विधान परिषद को खत्म करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई

आंध्र प्रदेश की जगनमोहन रेड्डी सरकार ने विधान परिषद को खत्म करने के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है। सोमवार सुबह हुई कैबिनेट की बैठक में यह अहम निर्णय लिया गया।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, वाईएसआरसीपी के विधायक गुडीवाड़ा अमरनाथ ने जानकारी दी, “आंध्र प्रदेश कैबिनेट ने विधान परिषद को खत्म करने के फैसले को मंजूरी दे दी है।”

राज्य विधानसभा का विस्तारित शीत कालीन सत्र सोमवार को फिर से शुरू हो गया है। 17 दिसंबर से जारी राजनीतिक अड़चनों को देखते हुए कैबिनेट ने विधान परिषद को खत्म करने का प्रस्ताव पारित कर दिया है। मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी पहले ही उच्च सदन की जरूरत पर सवाल उठा चुके हैं।

सूत्रों की मानें तो वाईएसआर कांग्रेस एक और योजना पर काम कर रही है, जिसमें विपक्षी तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के विधान पार्षदों को अपने पाले में करना भी शामिल है। इससे पूर्व, पार्टी पहले ही तेदेपा के दो पार्षदों को अपने साथ मिला चुकी है।

बता दें कि वाईएसआर कांग्रेस के 58 सदस्यीय विधान परिषद में मात्र नौ सदस्य हैं। इसकी वजह से सरकार को राज्य की तीन राजधानी बनाने की योजना को मंजूरी दिलाने में मुश्किल हुई।