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योगी सरकार का ‘लव जिहाद-प्रतिषेध’ विधेयक विधानसभा में ध्वनि मत के साथ पारित

उत्तर प्रदेश के विधान मंडल बजट सत्र के दौरान बुधवार (24 फरवरी) को योगी आदित्यनाथ सरकार का ‘लव जिहाद’ पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लाया गया उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक 2021 को विधानसभा में ध्वनि मत के साथ पारित कर दिया गया।

ज़ी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, एक पड़ाव पार करने के बाद अब ‘लव जिहाद’ विधेयक विधान परिषद में पास होने के लिए जाएगा। वहाँ से पास होने के बाद राज्यपाल के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा। फिर यह एक कानून में परिवर्तित हो जाएगा।

इसके तहत विवाह से पूर्व धर्म परिवर्तन के लिए 2 महीने पूर्व नोटिस देना होगा। स्थानीय जिलाधिकारी ऐसे मामलों की अनुमति देंगे। नाम और धर्म छिपाकर शादी करने, सामूहिक रूप से अवैध धर्मांतरण पर 10 वर्ष तक की जेल हो सकती है। महिला, एससी/एसटी का अवैध रूप से धर्मांतरण कराने पर 2 वर्ष से 10 वर्ष तक की जेल की सज़ा का प्रावधान है।

बता दें कि 24 नवंबर-2020 को ‘लव जिहाद’ को लेकर बने अध्यादेश को स्वीकृति दे दी गई थी। उसे सिफारिश के लिए राजभवन भेजा गया था, जहाँ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने इसे अपनी अनुमति दे दी थी। इसके साथ ही यह अध्यादेश प्रदेश में लागू हो गया था। हालाँकि, नियमानुसार अध्यादेश को छह माह के भीतर विधान मंडल के दोनों सदनों में स्वीकृति दिलानी होती है। इसी के तहत इसे विधानसभा में पारित किया गया था।