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उत्तर प्रदेश- कोरोनावायरस की अफवाह फैलाने और जाँच न करवाने वाले जाएँगे जेल

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने कोरोनोवायरस के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाते हुए चेतावनी दी कि अगर कोई अफवाह फैलाता है या वायरस को नियंत्रित करने में सहयोग नहीं देता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए जेल भी भेजा जा सकता है। इसके अलावा, मंगलवार को कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा, “संबंधित अधिकारियों को सभी ज़रूरी कार्रवाई करने के लिए महामारी रोग अधिनियम की धारा 3 के तहत शक्ति प्रदान की गई है।”

उन्होंने कहा, “हम किसी भी संदिग्ध के खिलाफ कार्रवाई करेंगे, अगर वह परीक्षण करने से मना करता है या अधिकारियों से दूर भागता है। ऐसे लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी, जो रोगियों को छिपाने, गुमराह करने या स्वास्थ्य टीम को अपने कर्तव्य का पालन करने से रोकते हैं। ज़रूरत पड़ी तो कानून के अनुसार अपराधियों को जेल भी भेजेंगे।”

मंत्री ने कहा, “हम 20 मार्च को उत्तर प्रदेश की स्थिति की समीक्षा करेंगे, उसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा। हमने 800 डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण दिया है। पूरे राज्य के जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में 1,200 से अधिक बेड आरक्षित किए हैं। राज्य सरकार ने एक जागरूकता कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सावधानियों के बारे में बताया जाना चाहिए।”

कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि सरकारी कार्यालयों में भीड़ खत्म करने के लिए कर्मचारियों को घर से काम करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही प्रदेश सरकार ने कोरोनावायरस का मुफ्त इलाज किए जाने की घोषणा की है। राज्य में सभी परीक्षाएँ, प्रतियोगी परीक्षाएँ स्थगित कर दी गई हैं। साथ ही स्कूल-कॉलेज और सिनेमाघरों के बंद रहने की तारीख को और आगे बढ़ा दिया है।