समाचार
योगी आदित्यनाथ ने श्रमिकों की मुफ्त यात्रा और गरिमा के लिए टीम-11 को दिए निर्देश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में कोविड -19 से लड़ने वाली टीम-11 के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि अन्य राज्यों से घर जाने वाले प्रवासी श्रमिकों को अंतर-राज्य या अंतर-जिला स्तर पर समस्याएँ और असुविधाएँ न झेलनी पड़ें।

योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लौटने वाले प्रवासी श्रमिकों को ठीक से उपचार मिले। उन्होंने कहा, “राज्य में लौटने वाले सभी प्रवासी श्रमिकों को पहले उनके गृह जिलों में पृथक केंद्रों पर ले जाया जाए। स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य परीक्षण में उनके स्वस्थ होने पर ही घर भेजने की अनुमति दी जाए। अगर कोई अस्वस्थ मिले तो उसे गृह पृथकवास में रखा जाए और उनके घरों में राशन भेजा जाए।”

बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रवासी श्रमिकों का घर में स्वागत करने, उन्हें सम्मान और आजीविका प्रदान करने के उद्देश्य पर ज़ोर दिया। मार्च में राज्य में प्रवासी कामगारों के पुनर्वास में सहायता के लिए योजनाओं और उपायों की शुरुआत की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 20 लाख श्रमिकों के उप्र लौटने की अपेक्षा है।

टीम-11 के अधिकारियों को कुशल श्रमिकों के आँकड़ों के साथ आने के लिए भी निर्देशित किया गया। इससे श्रमिकों को उचित रोजगार के अवसर मिलने में सहायता मिलेगी, जो कि उनके अनिवार्य पृथकवास अवधि समाप्त होने के बाद होगा। एएनआई  ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों को भी पृथकवास अवधि के दौरान 1,000 रुपये भत्ता मिलेगा।

रिपोर्ट में कहा गया कि कई राज्यों के करीब 75,000 प्रवासी 55 ट्रेनों के माध्यम से आज राज्य में लौटने वाले हैं। अन्य साधनों के माध्यम से करीब 25,000 अन्य लोगों को भी वापस जाना है।” आदित्यनाथ सरकार ने श्रमिकों को आजीविका प्रदान करने के लिए तत्काल और दीर्घकालिक दोनों उपायों की योजना बनाई है।