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अलगावादी नेता यासीन मालिक को सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत भेजा जाएगा जेल

अलगावादी नेता यासीन मलिक को सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है।  जिसके तहत उन्हें छह महीनों तक बिना किसी न्यायिक परीक्षण के जेल में रखा जाएगा, –एनडीटीवी  ने रिपोर्ट किया। 

सूत्रों के मुताबिक यासीन मलिक को सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के आज (7 मार्च) के तहत हिरासत में लिया जाएगा, फिर उन्हें जम्मू जिले की कोट बलवल जेल में छह महीनों तक रखा जाएगा। 

यासीन मलिक एक अलगावादी नेता है जो जम्मू-कश्मीर मुक्ति मोर्च (जेके लिबरेशन फ्रंट) का प्रतिनिधित्व करते हैं। 22 फरवरी की तारीख को यासीन को निवारक हिरासत में लिया गया था और श्रीनगर की कोठीबाग जेल में डाला गया।

पीएसए है क्या ?

1953 में सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) को लागू किया गया था।  यह कानून दक्षिण अफ्रीका की सरकार से लिया गया था।  इसके तहत एक देश की सरकार के पास यह ताकत होती है कि वह उसके द्वारा लागू किए कानूनों की उलंघना करने वालों को जेल में बिना किसी न्यायिक हस्तक्षेप के डाल सकती है।