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क्रिकेट विश्व कप- बारिश से टीमों का नुकसान लेकिन आईसीसी को वित्तीय घाटा नहीं

भारत और न्यूजीलैंड मैच में बारिश की खलल के बाद अब तक विश्व कप के चार मैच बिना परिणाम के ड्रॉ हो चुके हैं। इससे टीमों को जरूर सेमीफाइनल में पहुँचने के लिए अँकों का घाटा हो रहा होगा पर आईसीसी और विश्वकप के आयोजकों को अधिक वित्तीय नुकसान नहीं हो रहा है।

बिजनेस स्टैंडर्ड  की रिपोर्ट के अनुसार, आईसीसी बारिश बीमा से संरक्षित होता है। इसका मतलब है कि दर्शकों को बारिश की वजह से मैच न होने पर टिकटों का पैसा वापस किया जाएगा। 15 ओवर से कम गेंदबाजी होने पर 100 प्रतिशत, 15.1 ओवर से 29.5 ओवर के बीच गेंदबाजी होने पर 50 प्रतिशत और 30 ओवर से ऊपर गेंदबाजी होने पर टिकटों की वापसी का भुगतान नहीं होता है।

सात जून को श्रीलंका व पाकिस्तान, 10 जून को दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज और 11 जून को बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच मैच बारिश की वजह से रद्द कर दिया गया था। इसके बाद टीमों को आपस में एक-एक अँक बाँट दिए गए।

किसी भी टूर्नामेंट के मैचों की तारीखें आईसीसी द्वारा टीवी अधिकार धारकों और हित धारकों के परामर्श के बाद ही तय होती हैं। चूँकि, क्रिकेट के राजस्व का बड़ा हिस्सा टीवी कवरेज से निकलता है इसलिए लाइसेंसधारक मैचों के समय निर्धारण पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालते हैं। वे मैचों के टकराव को अस्वीकार करते हैं क्योंकि उस स्थिति में मैच और दर्शकों की संख्या बँट जाती है। इससे विज्ञापनों और बाकी चीजों पर प्रभाव पड़ता है।

विश्व कप के लीग मैचों को रोज देखा जाता है। एक मैच को रिजर्व दिन पर ले जाने का मतलब है कि एक साथ दो मैचों का एक ही वक्त में प्रसारण करना। इस कदम को टीवी नेटवर्क टाल रहे हैं। विश्वकप में टीमों को उतनी ही वरीयता देनी चाहिए, जितनी टीवी अधिकार रखने वाले धारकों को दी जा रही है। ऐसे तो क्रिकेट खतरे में पड़ जाएगा।