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चीन सीमा पर सड़क निर्माण के लिए झारखंड सरकार से मिली 11,000 श्रमिकों की मंजूरी

हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार ने राज्य के 11,000 से अधिक प्रवासी श्रमिकों को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा नियुक्त करने की अनुमति दी है, ताकि चीन की सीमा के साथ रणनीतिक बुनियादी ढाँचे का निर्माण किया जा सके।

न्यूज-18 की रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड सरकार ने सफलतापूर्वक बीआरओ के साथ एक सौदा किया। इसके परिणामस्वरूप प्रवासी श्रमिकों को राशन, भत्ता और चिकित्सा बीमा जैसी सहूलियतें दी जाएँगी।

बीआरओ और राज्य सरकार के बीच हस्ताक्षर किए जाने वाले एक मसौदे के अनुसार, श्रमिकों को निश्चित मासिक मजदूरी का भुगतान किया जाएगा और विशेष बसों के माध्यम से कार्य स्थलों तक पहुँचाया जाएगा।

यह कदम झारखंड सरकार ने कोविड-19 महामारी का हवाला देते हुए सड़क निर्माण में श्रमिकों को काम पर रखने के लिए दुमका जिले में बीआरओ के भर्ती अभियान चलाने की अनुमति को रद्द करने के बाद उठाया है।

बीआरओ के लिए इन प्रवासी श्रमिकों को एकत्र करने की जरूरत इसलिए बढ़ी है क्योंकि सीमा के पास रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर का भारत द्वारा निर्माण करने के बाद चीन ने गतिरोध उत्पन्न किया था। फिलहाल, कुछ दिनों की तनातनी के बाद वार्ता के जरिए तनाव कम हो गया है। हालाँकि, भारत ने यह पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि सड़क निर्माण रोकने का उसका कोई इरादा नहीं है।