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रोहतांग सुरंग का 10 दिन से रुका काम हिमाचल सरकार की विशेष अनुमति पर फिर शुरू

लॉकडाउन की वजह से 10 दिनों से रुका हुआ रणनीतिक रूप से चल रहा रोहतांग सुरंग का काम अब सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को हिमाचल सरकार से विशेष अनुमति मिलने के बाद फिर से शुरू हो गया।

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, रोहतांग सुरंग का काम सितंबर तक पूरा करने की बात कही जा रही है। इसका काम कोरोनावायरस को लेकर सभी आवश्यक सावधानियों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। वर्तमान में सुरंग निर्माण एक महत्वपूर्ण चरण में है, जहाँ लाइटिंग, वेंटिलेशन, इंटेलिजेंट ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम आदि फिट किए जा रहे हैं।

8.8 किलोमीटर लंबी घोड़े की नाल के आकार की बन रही सुरंग को उद्घाटन से पहले अटल सुरंग के नाम से जाना जाता है। यह समुद्र तल से 3,000 मीटर की ऊँचाई पर बनाई गई दुनिया की सबसे लंबी सुरंग है। यह पीर पंजाल रेंज में 3,978 मीटर रोहतांग दर्रे के नीचे स्थित है। यह मनाली के पास सोलांग घाटी में है।

इसका काम पूरा होने के बाद यह लाहौल घाटी की ठंडी जगह के लिए भी एक वरदान साबित होगी। दरअसल, वहाँ नवंबर और मई के बीच की सर्दियों में रोहतांग दर्रा बंद होने के कारण देश के बाकी हिस्सों से 20,000 से अधिक लोगों का आना-जाना बंद हो जाता है।

मनाली और केलांग के बीच लगभग 46 किमी की दूरी और पाँच घंटे की यात्रा समय को सुरंग कम कर देगी। इसके अलावा, लाहौल-स्पीति के मुख्यालय में 3,000 वाहन प्रतिदिन किसी भी मौसम में सुरंग में आ सकते हैं।