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चंद्रयान-3 पर काम शुरू होने की पुष्टि इसरो प्रमुख के सिवान ने की, 2021 में क्रियान्वयन

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख डॉ के सिवान ने बुधवार (22 जनवरी) को बताया कि चंद्रमा पर भारत के अगले मिशन चंद्रयान-3 पर काम शुरू हो चुका है।

समाचार एजेंसी एएनआई ने ट्वीट कर बताया कि इसरो प्रमुख ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा, “चंद्रयान-3 पर काम शुरू हो गया है और यह पूरी रफ्तार से चल रहा है।”

जैसा कि पहले ही बताया गया था कि नए साल (1 जनवरी) के मौके पर इसरो प्रमुख ने इस बात की पुष्टि की थी कि केंद्र सरकार ने चंद्रयान-3 को मंजूरी दे दी है और इसे 2021 में क्रियान्वित किया जाना है।

पिछले वर्ष, पूरे देश का दिल टूट गया था जब जुलाई 2019 में प्रक्षेपित किए गए चंद्रयान-2 मिशन के विक्रम लैंडर का नर्म-लैंडिंग के पाँच मिनट पहले ही संपर्क टूट गया था।

डॉ सिवान ने विक्रम लैंडर की विफलता के बारे में सवालों का जवाब देते हुए पहले ही कहा था कि अंत से ठीक पहले के चरण में नेविगेशन नियंत्रण और मार्गदर्शन तंत्र की गति में बड़े बदलाव को संभालने के लिए डिज़ाइन नहीं किया गया था, जो उसके उतराई के अंतिम 3-5 मिनट में विकसित हुआ था।

इसरो प्रमुख के अनुसार, चंद्रयान-3 के पास अपने पूर्ववर्ती के समान ही विन्यास होगा जिसका अर्थ यह है कि इसमें भी एक लैंडर और एक रोवर होगा। उतराई का स्थान भी चंद्रयान-2 जैसा ही होगा।

परियोजना की कुल लागत लगभग 615 करोड़ रुपये है, जो अपने पूर्ववर्ती की तुलना में लगभग 350 करोड़ रुपये कम है। इस मिशन की तैयारी भारत के पहले मानव अंतरिक्ष यान मिशन गगनयान के साथ-साथ ही की जाएगी।