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अलीगढ़ में महिलाओं को जबरदस्ती धरने पर भेजते हैं उनके पति, पूछताछ में खुलासा

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन में एक बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने पुरानी चुंगी, शाहजमाल और जीवनगढ़ में धरना दे रही महिलाओं से पूछताछ की तो पता चला कि उन्हें जबरदस्ती धरने पर भेजा जाता है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह ने बताया, “मैं और सीओ तृतीय धरने में शामिल कुछ महिलाओं के घर गए थे। पूछताछ में कई महिलाओं ने स्वीकारा कि उनके पति ही उन्हें जबरदस्ती धरने पर भेजते हैं।”

पुलिस की पूछताछ में शुरुआत में तो महिलाएँ हिचकिचाईं पर बाद में उन्होंने सारी बातें खुलकर कह दी थीं। यह भी पता चला कि जिले में चल रहे धरने में शामिल महिलाएँ नगला पटवारी, फिरदौस नगर, भमोला, जीवनगढ़, रेलवे लाइन के पास की झुग्गियों में रहने वाली हैं।

बता दें कि धरने व हिंसा में नगला पटवारी, फिरदौस नगर, भमोला, जीवनगढ़ आदि क्षेत्रों के फेरीवालों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। खुफिया एजेंसियों की जानकारी के बाद पुलिस प्रशासन के अधिकारी इन्हें चिह्नित करने की कोशिश में जुट गए हैं।

अब इन सभी को शांति भंग के मामले में नोटिस जारी किए जाएँगे। जानकारी मिली है कि उन्हें खाना और पैसों का लालच देकर रोज धरने पर बैठाया जा रहा है। अब पुलिस ऐसा करने वालों का पता लगाने की कोशिश में जुटी है।