समाचार
‘सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम देते हैं टैक्स चोरों पर बड़ी कार्रवाई के संकेत’

भ्रष्टाचार, काले धन, कर चोरी और धोखाधड़ी के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखते हुए नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान एक बड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में वित्त मंत्रालय ने भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों में 12 वरिष्ठ आयकर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। सरकार ने एक सप्ताह बाद फिर सख्ती करते हुए 15 वरिष्ठ आयकर अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी थी।

शेयर बाजार के दिग्गज सौरभ मुखर्जी का कहना है, “मैं पूरी तरह सुनिश्चित हूँ कि हम टैक्सचोरों पर एक बड़ी कार्रवाई देखने जा रहे हैं, खासकर जीएसटी और इनकम टैक्स के क्षेत्र में।’

उन्होंने कहा, “पिछले दो-तीन सप्ताह में पहली दिलचस्प बात जो मैं देख रहा हूँ, वो यह है कि वरिष्ठ टैक्स अधिकारियों को रिटायर या छुट्टियों पर जाने के लिए कहने की खबरें बार-बार सामने आ रही हैं। यह कराधान के क्षेत्र में होने वाले भ्रष्टाचार को मिटाने की दिशा में बड़ा कदम है। मैंने चुनाव से पहले ही यह बात भाँप ली थी।”

इकनॉमिक टाइम्स ने अपने संपादकीय में कहा था, “एक ऐसे कानून का इस्तेमाल, शायद ही पहले होता था। केंद्र सरकार ने यह कठोर संदेश दे दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उसकी शून्य सहिष्णुता की नीति रहेगी।”

अपने पहले कार्यकाल में सरकार बड़े नीतिगत परिवर्तन के ज़रिए नौकरशाही में कार्यक्षेत्र विशेषज्ञों को नियुक्ति कर लाई है। उसने निजी क्षेत्र के 9 संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों को नियुक्त किया, जो एक सामान्यवादी नौकरशाही से दूर जाने का संकेत देते हैं।