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“महामारी के बावजूद दिल्ली सीमाओं पर प्रदर्शन स्थलों को नहीं छोड़ेंगे”- राकेश टिकैत

हरियाणा में भिवानी के प्रेम नगर गाँव में किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता राकेश टिकैत ने गुरुवार (29 अप्रैल) को कहा कि वे कोविड-19 मामलों में वृद्धि के बीच दिल्ली सीमाओं पर प्रदर्शन स्थलों को नहीं छोड़ेंगे।

राकेश टिकैत ने कहा, “सरकार कोरोना मामलों में वृद्धि के बीच किसानों की आवाज़ को दबाने की कोशिश कर रही है। हम सरकार के साथ वार्ता करने के लिए तैयार हैं और नवंबर और दिसंबर तक इसके होने की उम्मीद है। गुजरात में किसान सबसे अधिक प्रभावित हैं और अगर किसानों के मुद्दे को हल नहीं किया जाता है तो भाजपा सरकार इस गुजरात मॉडल को पूरे देश में लागू करेगी।”

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारी किसानों के नेता राकेश टिकैत ने कहा, “राम मंदिर के लिए दान देने की बजाय नए एम्स के निर्माण के लिए एक दान अभियान शुरू किया जाना चाहिए। हरियाणा सरकार गत 6 वर्षों से सत्ता में रहने के बाद भी भिवानी में एक मेडिकल कॉलेज बनाने में विफल रही है।”

एक अन्य किसान नेता गुरनाम सिंह चारुनी ने कहा कि अगर सरकार देश भर में सीआरपीसी की धारा 144 लागू करती है तो भी हमारा विरोध जारी रहेगा।

विशेषकर पंजाब और हरियाणा राज्यों के किसान गत 5 महीनों से दिल्ली जाने वाले राजमार्गों को बंद करके विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे मोदी सरकार द्वारा लागू किए गए तीन कृषि सुधार कानूनों को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं।