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“भविष्य की परिस्थितियाँ तय करेंगी कि परमाणु नीति पर क्या होगा”- राजनाथ सिंह

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राजस्थान के पोखरण में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रथम पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। साथ ही संवाददाताओं से कहा, “भारत की परमाणु नीति ‘पहले उपयोग की नहीं’ है। हालाँकि, भविष्य में क्या होता है, यह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।”

एएनआई  की रिपोर्ट के अनुसार, सेना के प्रमुख जनरल बिपिन रावत सहित भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में राजनाथ सिंह ने कहा, “यह सच था कि भारत आज तक इस नीति के साथ चल रहा था लेकिन यह भविष्य में भी जारी रहेगी, यह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।”

यह पहली बार नहीं है कि किसी रक्षामंत्री ने संकेत दिया है कि भारत हमेशा पहले उपयोग की नीति के साथ जारी नहीं रह सकता है। द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, 2018 में रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने इस पर कहा था, “पहले उपयोग ना करने की बजाए भारत को यह कहना चाहिए कि यह एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति है। इसे वह गैर जिम्मेदार तरीके से परमाणु शस्त्रागार के रूप में तैनात नहीं करेगा।”

वर्तमान में भारत केवल दो परमाणु-सशस्त्र देशों में से एक है। इसमें दूसरा चीन है, जिसके यहाँ प्रथम उपयोग नीति नहीं है। हाल के वर्षों में क्या भारत को पहले उपयोग के सिद्धांत को जारी रखना चाहिए, यह राजनीतिज्ञों और सुरक्षा की दृष्टि से चर्चा का विषय बन गया है।