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‘क्या विकासशील देश गरीबी में ही रहें?’ रूस के राष्ट्रपति पुतिन का ग्रेटा थनबर्ग से प्रश्न

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग का साथ देने से इनकार कर दिया और उनकी पर्यावरण सक्रियता को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मॉस्को में एक ऊर्जा सत्र की अध्यक्षता करते हुए बुधवार (2 अक्टूबर) को व्लादिमीर पुतिन ने कहा, “मैं थनबर्ग के संयुक्त राष्ट्र में दिए भाषण को लेकर अन्य लोगों की तरह बिल्कुल भी उत्साहित नहीं हूँ।”

रूसी राष्ट्रपति ने ग्रेटा को लेकर कहा, “जाओ पहले विकासशील देशों को समझाओ कि क्यों उन्हें गरीबी में रहना चाहिए और स्वीडन जैसा नहीं होना चाहिए। किसी ने ग्रेटा को यह नहीं समझाया कि आधुनिक दुनिया बेहद जटिल और अलग है। उसे कोई बताएगा कि अफ्रीका या एशिया के किसी भी देश में रहने वाले लोग वैसा ही आरामदायक जीवन जीना चाहते हैं जैसा कि उसके देश स्वीडन में लोग जीते हैं।”

उन्होंने दावा किया, “थनबर्ग का इस्तेमाल कुछ समूहों द्वारा निजी लक्ष्यों को पाने के लिए किया जा रहा है। जब कोई व्यक्तिगत हितों में बच्चों और किशोरों का उपयोग करता है तो वह केवल निंदा के योग्य होता है।”