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वॉट्सैप ने उच्च न्यायालय में कहा, “गोपनीयता नीति की स्वीकार्यता को लेकर नहीं देंगे छूट”

वॉट्सैप ने गोपनीयता नीति की स्वीकार्यता को लेकर उपयोगकर्ताओं को कोई छूट न देने की बात कही है। उसने सोमवार (17 मई) को दिल्ली उच्च न्यायालय में कहा कि उसकी ओर से उपयोगकर्ताओं से नई नीति को स्वीकार करने को लेकर पूछा जा रहा है।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया कंपनी ने अपने वकील कपिल सिब्बल के माध्यम से उच्च न्यायालय को अवगत कराया कि अगर उपयोगकर्ता गोपनीयता नीति को स्वीकार नहीं करेंगे तो उनके खाते धीरे-धीरे बंद कर दिए जाएँगे।

उच्च न्यायालय की ओर से फिलहाल मामले की सुनवाई 3 जून तक के लिए टाल दी गई है। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा और याचिकाकर्ताओं की ओर से यथास्थिति की मांग की गई थी। इसके बाद न्यायालय ने मामले की सुनवाई को टालने का निर्णय लिया।

उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने सरकार और दोनों फेसबुक व वॉट्सऐप को नोटिस जारी करते हुए अपना पक्ष रखने को कहा है। पीठ ने सभी पक्षकारों को मामले की 3 जून को अगली सुनवाई से पहले जवाब देने को कहा है। इससे पूर्व, वॉट्सैप ने न्यायालय को बताया कि उसकी नई गोपनीयता नीति किसी व्यक्ति की निजता को प्रभावित नहीं करेगी।