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सीएए विरोधी बंगाल के मंत्री सिद्दीकुल्ला चौधरी को नहीं मिला बांग्लादेश का वीज़ा, यात्रा रद्द

पश्चिम बंगाल के मंत्री सिद्दीकुल्ला चौधरी को बांग्लादेश से वीज़ा ना मिलने की वजह से उन्हें वहाँ की छह दिनों की यात्रा रद्द करनी पड़ी। उनका कहना है, “यह मेरी पूरी तरह से निजी यात्रा थी। इसे राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय की तरफ से स्वीकृति भी मिल गई थी।”

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, तृणमूल के अंदर नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ आवाज उठाने वालों में सिद्दीकुल्ला भी एक हैं। माना जा रहा है कि बांग्लादेश इस मामले पर तटस्थ रहना चाहता है। इसी कारण उसने मंत्री को वीज़ा नहीं दिया।

बांग्लादेश के वरिष्ठ उप उच्चायोग अधिकारी ने कहा, “हमने न वीज़ा रद्द किया है और न स्वीकार। हम कुछ मामलों में आवश्यक मंजूरी पाने के लिए ढाका वीज़ा आवेदनों को अग्रेषित करते हैं। ढाका से स्वीकृति अभी तक कोलकाता दफ्तर नहीं पहुँची है। हमारा दफ्तर बुधवार को क्रिसमस की वजह से बंद था।”

जमीयत-ए-उलेमा हिंद के बंगाल अध्यक्ष सिद्दीकुल्ला चौधरी ने कहा, “मैंने मुख्यमंत्री कार्यालय को अपनी यात्रा के बारे में 5 दिसंबर को जानकारी दे दी थी और आठ दिसंबर को मंजूरी मिल गई थी। इसके बाद मैंने केंद्र सरकार से इजाज़त मांगी थी, जिसने मुझे 13 दिसंबर को स्वीकृति दे दी थी।

उन्होंने आगे कहा, “मेरा स्टाफ तीन बार वीज़ा कार्यालय गया था। ढाका में रहना वाला मेरा भाई कैंसर से पीड़ित है। सिलहट में एक रिश्तेदार की हाल ही में मौत हुई है। मुझे सिलहट में एक मदरसे के शताब्दी समारोह के लिए भी आमंत्रित किया गया था। मैं वहाँ पत्नी, बेटी और नातिन के साथ जाने वाला था। बांग्लादेश डिप्टी हाई कमीशन को सब कुछ बताया गया था।”