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बंगाली जज गृह राज्य के मामलों से बचते हैं? अनिरुद्ध बोस नारदा मामले से हुए अलग

नारदा घोटाले के मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर मंगलवार (22 जून) को सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई होनी थी। हालाँकि, इससे पूर्व ही न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस ने मामले से स्वयं को पृथक कर लिया।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, अब नारदा मामले की सुनवाई दूसरी पीठ करेगी। न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले को किसी अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।

बता दें कि इससे पूर्व, तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम के पश्चात की हिंसा के दौरान दो भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की सीबीआई व एसआईटी जाँच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश इंदिरा बनर्जी ने स्वयं को पृथक कर लिया था।

न्यायाधीश इंदिरा बनर्जी ने कहा था कि मुझे इस मामले को सुनने में कुछ कठिनाई हो रही है। इस मामले को दूसरी पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए। इसके पश्चात न्यायाधीश एमआर शाह की खाली पीठ ने भी आदेश दिया था कि मामले को किसी अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करें, जिसकी न्यायाधीश बनर्जी हिस्सा ना हों।

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के पश्चिम बंगाल के मामलों से खुद को पृथक करने के मामले में गौर करने वाली बात यह है कि दोनों ही न्यायाधीश इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस ममता बनर्जी के राज्य से आते हैं।