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नारदा घोटाले में चार नेता हुए गिरफ्तार तो सीबीआई कार्यालय पहुँच गईं ममता बनर्जी

नारदा घोटाले के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) टीम ने सोमवार (17 मई) को ममता बनर्जी सरकार में कैबिनेट मंत्री फिरहाद हाकिम, सुब्रत मुखर्जी, विधायक मदन मित्रा और पूर्व मेयर शोभन चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया। यह खबर मिलते ही ममता बनर्जी भी सीबीआई कार्यालय पहुँच गई।

न्यूज़-18 की रिपोर्ट के अनुसार, सीबीआई ने सुबह तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के घरों व ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए कार्यालय ले गई। कार्यालय पहुँची मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीबीआई से कहा कि उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाए। फिलहाल, अभी वह कार्यालय के अंदर ही हैं।

इससे पूर्व, सीबीआई की टीम सुबह मंत्री फिरहाद हकीम के आवास पहुँची थी और उनके घर की तलाशी ली थी। उसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए कार्यालय ले गई। फिरहाद हाकिम ने आरोप लगाया था कि उन्हें बिना किसी वजह के गिरफ्तार किया गया। हालाँकि, पूछताछ के बाद सभी को सीबीआई द्वारा गिरफ्तार करने की बात कही गई।

बता दें कि बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ से नारदा घोटाले की जाँच के संबंध में हाकिम, सुब्रत मुखर्जी, मदन मित्रा और शोभन चटर्जी के खिलाफ मामला चलाने की सीबीआई ने स्वीकृति मांगी थी। चुनाव के बाद राज्यपाल ने इसकी अनुमति दे दी थी।

नारदा घोटाला 2016 के विधानसभा चुनाव के दौरान का बताया जा रहा है। चुनाव से पूर्व नारदा स्टिंग टेप जारी किया गया था। इनमें मंत्रियों, सांसदों और विधायकों जैसे दिखने वाले लोगों को कथित रूप से एक काल्पनिक कंपनी के नाम पर पैसे लेते देखा गया था। बाद में दावा किया जाने लगा कि यह टेप 2014 में बनाया गया था।