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दिल्ली में पानी माफिया को रोक पाने में असफल प्रशासन, घटता भूमिगत जल का स्तर

दिल्ली में पानी माफिया पर लगाम लगाने में असफल प्रशासन के कारण झेलनी पड़ रही है पानी के अभाव की समस्या। दिल्ली में भूमिगत जल का सबसे ज़्यादा दोहन हो रहा है। लगभग 10,000 बोरवेल हैं और अधिकांश अवैध हैं।

इंडिया टुडे  ने दिल्ली के अवैध जल केंद्रों के विषय में एक रिपोर्ट जारी कर बताया कि यह कारोबार मुख्यतः जामिया नगर में चलता है। एक आधिकारिक डाटा के अनुसार इस गर्मी में प्रतिदिन दिल्ली 11,355 लाख लीटर पानी की कमी झेल रही है।

दिल्ली जल निगम प्रतिदिन 1,200 मिलियन गैलन की माँग के सामने मात्र 900 मिलियन गैलन प्रतिदिन की ही आपूर्ती कर पा रहा है। पंजाब और राजस्थान के बाद दिल्ली में ही सर्वाधिक भूमिगत जल का दोहन हो रहा है।

इन अवैध बोरवेलों पर कार्रवाई इसलिए नहीं होती क्योंकि यह माफिया प्रति बोरवेल 2,000-3,000 रुपये की घूस खिलाकर अधिकारियों से बच जाते हैं। पानी निकालने के लिए लगने वाली बिजली का खर्च बचाने के लिए ये बिजली चोरी भी करते हैं।

नीति आयोग के अनुसार 2020 तक दिल्ली समेत 21 शहरों में भूमिगत जल नहीं बचेगा। वर्तमान में दिल्ली के 56 प्रतिशत जलभृत सूख चुके हैं। दक्षिण और दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली में जलस्तर 20-30 मीटर से नीचे जा चुका है।