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चीन के प्रभाव को रोकने के लिए भारत ने एससीआरआई में आसियान का किया विरोध

चीन के अप्रत्यक्ष प्रभाव की आशंका से चिंतित होकर भारत ने तीन देशों की सप्लाई चेन रिज़ाइलियन्स इनिशिएटिव (एससीआरआई) में 10 सदस्यीय दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों का संगठन (आसियान) को शामिल करने के जापान के सुझाव का विरोध किया है।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एससीआरआई को भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया द्वारा गत वर्ष एक त्रिपक्षीय अनुबंध के रूप में स्थापित किया गया था, जो चीन पर निर्भरता को कम करने और भारत-प्रशांत क्षेत्र में आपूर्ति शृंखलाओं को विकसित करने के इरादे से था। एससीआरआई का उद्देश्य एक स्वतंत्र व पारदर्शी व्यापार और निवेश वातावरण का निर्माण करना है।

रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से कहा गया, “हम अभी आसियान में इस पहल में शामिल होने के लिए उत्सुक नहीं हैं। हमें अपने हितों की रक्षा करने की आवश्यकता है और समूह के माध्यम से चीन का प्रभाव एक चिंता का विषय है।”

एससीआरआई के तहत तीन राष्ट्र औद्योगिक पार्क स्थापित करना, अपने बीच हवा और समुद्र-आधारित कनेक्टिविटी में सुधार करना, व्यापार व निवेश बाधाओं के समाधान और एक सुव्यवस्थित जोखिम प्रबंधन प्रणाली को संबोधित करने के लिए एक तंत्र स्थापित करना चाहते हैं। तीनों राष्ट्रों ने सहयोग के लिए वॉल्यूम ट्रेड के परिप्रेक्ष्य से कम से कम 10 उत्पाद और सेवा श्रेणियों की पहचान की है।

तीनों देशों ने 2019 में कुल मिलाकर 9.3 खरब डॉलर का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) हासिल किया था, जिसमें उनका माल और सेवा व्यापार क्रमशः 2.7 खरब डॉलर और 0.9 खरब डॉलर का था।