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भारत को बड़ी सफलता, स्विस बैंक करेगा कालाधन रखने वाले 50 लोगों के नाम उजागर

स्विट्जरलैंड की सरकार ने छवि सुधारने के लिए अपने बैंकों में कालाधन रखने वाले 50 भारतीयों के नाम मोदी सरकार के सामने रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्विस अधिकारियों ने खाताधारकों को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भी भेजा है।

पीटीआई  की रिपोर्ट के अनुसार, उजागर किए गए नामों में अधिकतर खाताधारक कोलकाता, मुंबई, गुजरात और बेंगलुरु के हैं। भारत और स्विट्जरलैंड के बीच समझौता हुआ था। इसके तहत स्विस सरकार उन लोगों की जानकारी दे रही है, जिनकी भूमिका संदेहास्पद है।

रियल एस्टेट, वित्तीय सेवाओं, प्रौद्योगिकी और दूरसंचार से लेकर पेंट, घर की सजावट, कपड़ा, इंजीनियरिंग के सामान, आभूषण तक के क्षेत्रों में कंपनियों से जुड़े कई कारोबारियों का इसमें नाम सामने आया है। कहा जा रहा है कि अब इन पर कार्रवाई करने की तैयारी की जाएगी। स्विस सरकार ने भारतीय अधिकारियों के साथ पिछले एक वर्ष में 100 से अधिक नागरिकों की जानकारी साझा की है।

स्विस सरकार ने कालाधन रखने वाले कुछ खाताधारकों के पूरे नाम बताए हैं। इनमें संजय डालमिया, पंकज कुमार साराओगी, अनिल भारद्वाज, थरानी रेनू टीकमदास, महेश टीकमदास थरानी, सवानी विजय कन्हैयालाल, भास्करन थरूर, कल्पेश भाई पटेल, अजोय कुमार, दिनेश कुमार, रतन सिंह चौधरी, कृष्ण भगवान रामचंद्र, पोतलुरी राजामोहन राव, कल्पेश हर्षद, कुलदीप धींगड़ा, भास्करन नलिनि, ललिताबेन चिमनभाई और कठोतिया राकेश कुमार के नाम शामिल हैं।

वहीं, स्विस सरकार ने कुछ जगह केवल शुरुआती अक्षर बताए हैं जैसे एनएमए, एमएमए, पीएएस, आरएएस, एबीकेआई, पीएम, एडीएस, जेएनवी, जेडी, एडी आदि। इसके अलावा खाताधारक की राष्ट्रीयता और जन्म तिथि भी बताई गई है।