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‘एनआरसी में छूटे मतदाता नहीं जाएँगे संदिग्ध सूची में, डाल सकेंगे मत’- चुनाव आयोग

चुनाव आयोग (ईसी) ने कहा, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) में छूटे हुए मतदाताओं को संदिग्ध सूची में नहीं डाला गया है। ऐसे लोग आने वाले चुनावों में मतदान कर सकेंगे।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, गृह मंत्रालय के स्पष्टीकरण ने बहस के लिए थोड़ी गुंजाइश छोड़ दी है। अंतिम एनआरसी के आधार पर मतदाता सूची से कोई मुकदमा नहीं हटाया जाएगा। इसके अलावा, एनआरसी से बाहर किए गए लोगों को डी मतदाता नहीं माना जाएगा।

1997 में असम की मतदाता सूची को संशोधित करते हुए चुनाव आयोग ने संदेहपूर्ण या डी मतदाता सूची पेश की थी। इसने राज्य में पंजीकृत मतदाताओं को श्रेणीबद्ध किया था, जिनकी नागरिकता पर विवाद चल रहा था। उनको वोट डालने से रोक दिया गया था।

हालाँकि, ऐसे लोग मतदाता सूची के तहत मतदाता बने रह सकते हैं लेकिन जब तक किसी विदेशी ट्रिब्यूनल द्वारा उन्हें क्लीन चिट नहीं दी जाती, वे चुनाव में मतदान नहीं कर सकते हैं। लगभग 1.2 लाख डी मतदाता थे, जिन्होंने 2019 के लोकसभा चुनावों में मतदान नहीं किया था।

असम में एनआरसी की अंतिम सूची 30 अगस्त को प्रकाशित हुई थी। इसमें 3.11 करोड़ लोगों के नाम शामिल थे, जबकि सूची से 19 लाख लोग बाहर हो गए थे। सूची के प्रकाशित होने के बाद चुनाव आयोग के सामने सवाल खड़ा हो गया था कि सूची से बाहर होने वाले लोगों की नागरिककता को संदेहपूर्ण माना जाए या नहीं। अगर उन्हें संदेहास्पद माना गया तो उनकी नागरिकता पर फैसला विदेशी ट्रिब्यूनल करेगी।