समाचार
आधार कार्ड से वोटर आईडी जोड़ने के लिए चुनाव आयोग को कानून मंत्रालय की स्वीकृति

मतदाता पहचान-पत्र को अब आधार कार्ड से जोड़ा जाएगा। कहा जा रहा है कि चुनाव आयोग के प्रस्ताव पर कानून मंत्रालय ने अपनी स्वीकृति दे दी है। अब सरकार चुनाव आयोग को इसके लिए कानूनी शक्ति देगी। ऐसा करने से फर्जी मतदाताओं को हटाया जा सकेगा।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पेड न्यूज और गलत चुनावी हलफनामे सहित चुनाव सुधार जैसे मुद्दों पर आयोग की कानून मंत्रालय के साथ बैठक हुई। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा, चुनाव आयुक्त अशोक लवासा और सुशील चंद्रा ने कानून मंत्रालय के सचिव जी नारायण राजू के साथ मतदाता पहचान-पत्र को आधार नंबर से जोड़ने पर चर्चा की।

कहा जा रहा है कि बैठक में पेड न्यूज और चुनावी हलफनामे में गलत सूचना देने को भी अपराध की श्रेणी में लाने का प्रस्ताव रखा गया है। अब कानून मंत्रालय इस प्रक्रिया में भी बदलाव की तैयार कर रहा है।

चुनाव आयोग ने कानून मंत्रालय को जनप्रतिनिधि अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव दिया था। इसके तहत मतदाता पहचान-पत्र बनवाने और मतदाता सूची में पहले से शामिल लोगों से आधार नंबर मांगने का प्रावधान होगा। काननू मंत्रालय ने प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए डाटा को कई स्तर पर सुरक्षित करने के निर्देश दिए हैं।

बता दें कि आयोग ने कानून मंत्रालय को अगस्त 2019 में मतदाता पहचान-पत्र को आधार कार्ड से लिंक करने का प्रस्ताव भेजा था, जिसे कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मान लिया था।

इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए पढ़ें- आधार से मतादाता सूची को जोड़ने के लाभ, जटिलताएँ और सावधानियाँ