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एनआईए ने विशाखापट्टनम जासूसी मामले के मुख्य षड्यंत्रकार को मुंबई से किया गिरफ्तार

आतंकवाद विरोधी जाँच एजेंसी ने एक बयान में जानकारी दी कि राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार (15 मई) को विशाखापट्टनम गुप्तचरी के मुख्य षड्यंत्रकारी मोहम्मद हारून हाजी अब्दुल रहमान लकड़ावाला को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया।

एनआईए ने इस मामले में अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 11 भारतीय नौसेना के जवान और एक पाकिस्तान में जन्मा भारतीय नागरिक शाइस्ता कैसर है। भारतीय नौसेना के जहाजों, पनडुब्बियों और अन्य रक्षा प्रतिष्ठानों के स्थानों के बारे में संवेदनशील जानकारी एकत्र करने के लिए पाकिस्तान ने भारत में अपने जासूस भर्ती किए हैं।

एजेंसी ने कहा कि जाँच में पता चला है कि नौसेना के कुछ जवान फेसबुक और वॉट्सैप जैसे सोशल मीडिया मंचों के जरिए पाकिस्तानी नागरिकों के संपर्क में आए। उन्होंने पैसों के बदले कई जानकारियाँ उनके साथ साझा की थीं।

अति संवेदनशील मामले में मुख्य साजिशकर्ता की पहचान मुंबई स्थित 49 वर्षीय व्यक्ति के रूप में हुई है, जिसका नाम मोहम्मद हारून हाजी अब्दुल रहमान लकड़ावाला है। एनआईए ने उसके घर पर छापा मारकर तलाशी में कई डिजिटल उपकरणों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को बरामद किया है।

एनआईए ने यह भी खुलासा किया कि वह सीमा पार व्यापार करने की आड़ में अपने संचालकों से मिलने के लिए पाकिस्तान के बंदरगाह शहर कराची गया था। इस दौरान लकड़ावाला अकबर अली और रिज़वान नाम के दो पाकिस्तानी जासूसों से मिला, जिन्होंने उसे नियमित अंतराल में जासूसी में शामिल नौसेना कर्मियों के बैंक खातों में पैसा जमा करने के निर्देश दिए थे।