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विजय माल्या के प्रत्यर्पण के खिलाफ सुनवाई, अनुमति न मिलने पर भेजा जाएगा भारत

भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या की प्रत्यर्पण के खिलाफ मौखिक सुनवाई मंगलवार को लंदन उच्च न्यायालय में होनी है। अब अगर उसे अपील की अनुमति नहीं दी गई तो कुछ दिनों में भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है।

अमर उजाला  की रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों का कहना है, “अगर माल्या को फिर अपील की छूट मिलती तो पूर्ण अपील की सुनवाई में करीब 3 से 4 महीने लग सकते हैं।” वह आज कोर्ट को यह समझाने की कोशिश करेगा कि जिला न्यायाधीश अपने मामले को राज्य सचिव के पास भेजने में गलती कर रहे थे।

माल्या ने 14 फरवरी को अपने प्रत्यर्पण की अपील खारिज करने के लिए न्यायालय में लिखित आवेदन दिया था। इसे 5 अप्रैल को खारिज कर दिया गया। फिर उसने 11 अप्रैल को प्रत्यर्पण मामले पर मौखिक सुनवाई के लिए आवेदन किया था।

9000 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर भागे विजय माल्या ने ब्रिटेन के गृहमंत्री साजिद जाविद के उनके प्रत्यर्पण के आदेश पर हस्ताक्षर करने के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की अनुमति माँगी है। मालूम हो कि माल्या पहले ही दस्तावेज के जरिए अपील करने की छूट के मामले में ब्रिटेन के उच्च न्यायालय में हार चुके हैं।