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वीएचपी चाहती है उसके प्रतिमान अनुसार बने राम मंदिर, मस्जिद परिक्रमा रास्ते से दूर
आईएएनएस - 14th November 2019

राम जन्मभूमि मसले पर उच्चतम न्यायालय का निर्णय आने के बाद अब हिंदू संगठनों के बीच राम मंदिर को लेकर मतभेद सामने आने लगे हैं। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने कहा कि राम मंदिर उसके प्रतिमान (मॉडल) के अनुसार ही बनना चाहिए।

1980 के दशक से राम मंदिर आंदोलन का नेतृत्व कर रही वीएचपी ने मांग की है कि प्रस्तावित न्यास उसके राम मंदिर प्रतिमान को मंज़ूर करे और मंदिर निर्माण में नक्काशीदार पत्थरों एवं रामशिला का उपयोग करे।

वीएचपी के अंतर-राष्ट्रीय अभिभावक दिनेश चंद्र ने पत्रकारों को अयोध्या में बताया कि वीएचपी राम मंदिर न्यास का भागीदार बनने पर ज़ोर नहीं देगा और वह अपनी सारी संपत्ति नए न्यास को देने के लिए तैयार है।

इसके आगे दिनेश चंद्र ने कहा, “हालाँकि हमारे राम मंदिर के मॉडल को पूरी दुनिया जानती है और लोगों की भावनाएँ नक्काशीदार पत्थरों एवंं रामशिला से जुड़ी हैं जो अभी कार्यशाला में हैं। मंदिर निर्माण की बनावट से हम समझौता नहीं कर सकते हैं और ना ही इसमें कोई भी बदलाव हमें मंज़ूर होगा।”

राम जन्मभूमि न्यास प्रमुख महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि न्यास पहले से ही मौजूद है और यह मंदिर निर्माण की निगरानी करेगा। इसके आगे महंत जी ने कहा, “सरकार अपने प्रतिनिधियों को हमारे न्यास में शामिल कर सकती है।”

वहीं योगी आदित्यनाथ जल्द अयोध्या जाकर संतों से मिलेंगे। ऐसी चर्चा है कि राम जन्मभूमि न्यास योगी आदित्यनाथ को न्यास का प्रमुख बनाना चाहता है।

रामालाया न्यास भी राम मंदिर निर्माण में अपनी हिस्सेदारी का दावा करेगा। दूसरी ओर वीएचपी ने कहा है कि मस्जिद परिक्रमा रास्ते और सांस्कृतिक सीमा के बाहर बननी चाहिए जिससे आगे कोई मतभेद ना हो।

पर स्वामित्व सूट में अभियोगी इक़बाल अंसारी ने कहा, “सर्वोच्च न्यायालय के आदेश अनुसार मस्जिद अयोध्या की सांस्कृतिक सीमाओं के अंदर किसी प्रमुख जगह पर ही बननी चाहिए।”