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द्रमुक नेता पर छापे में मिली भारी नकद से वेल्लोर संसदीय क्षेत्र का चुनाव रद्द

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तमिल नाडु की वेल्लोर संसदीय सीट पर लोकसभा का चुनाव रद्द कर दिया है। उन्होंने यह फैसला चुनाव आयोग की सिफारिश के आधार पर किया। यहाँ द्रमुक नेता के कथित गोदाम पर छापा मारकर करोड़ों रुपये के नकद बरामद किए गए थे।

यह कार्रवाई तमिलनाडु के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर की गई। इसमें राष्ट्रपति से 18 अप्रैल को होने वाले मतदान को देखते हुए वेल्लोर संसदीय क्षेत्र में मतदान रद्द करने की सिफारिश की गई थी।

चुनाव आयोग ने कई जगहों पर मारे गए छापों में जब्त किए गए नकद का एक विस्तृत विवरण तैयार किया। इसमें वेल्लोर से चुनाव लड़ चुके द्रमुक नेता कथिर आनंद के करीबी सहयोगी का सीमेंट गोदाम भी था। कथिर पार्टी के वरिष्ठ नेता और पार्टी कोषाध्यक्ष दुरई मुरुगन के बेटे हैं। कथिर की एनडीए उम्मीदवार एली शनमुगम के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा मानी जा रही थी।

पार्टी के मजबूत नेता और कटपड़ी विधानसभा क्षेत्र से नौ बार विधायक चुने गए दुरुई मुरगन द्रमुक संरक्षक एम करुणानिधि के करीबी सहयोगी थे। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया, “भारत के चुनाव आयोग की सिफारिश को स्वीकार करते हुए माननीय राष्ट्रपति ने तमिलनाडु के वेल्लोर संसदीय क्षेत्र से चुनाव रद कर दिया है।” पिछले सप्ताह प्रवर्तन एजेंसियों ने वेल्लोर क्षेत्र में कई स्थानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान द्रमुक नेता से संबंधित परिसरों सहित कई जगहों से 12 करोड़ रुपये और भारी मात्रा में आभूषण जब्त किए गए थे।

छापे के दौरान नकदी बरामद होने पर कथिर आनंद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने कहा, “कथिर आनंद को उनके नामांकन पत्र के साथ दायर चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी देने के लिए जनप्रतिनिधि कानून के तहत आरोपित किया जाएगा। इसके अलावा श्रीनिवासन और दामोदरन पर भी रिश्वत के आरोपों के चलते कार्रवाई की जाएगी।”