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पहले संसद सत्र में मोदी सरकार की प्राथमिकता बजट और तीन तलाक विधेयक पेश करना

17वीं लोकसभा का पहला संसद सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। सत्र के दौरान सरकार की प्राथमिकता में केंद्रीय बजट और तीन तलाक जैसे विधेयक को पेश करना है। सरकार को तीन तलाक जैसे अहम विधेयक पर राज्यसभा में गैर-कांग्रेसी विपक्षी दलों से समर्थन की उम्मीद है।

इंडिया टुडे  की रिपोर्ट के अनुसार, संसद सत्र से एक दिन पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्वदलीय बैठक बुलाकर तमाम विपक्षी दलों के नेताओं से चर्चा की। साथ ही उन्हें 19 जून को होने वाली बैठक के लिए आमंत्रित किया। रिपोर्टों के अनुसार, बैठक में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’, 2022 भारत की आजादी के 75वें साल और महात्मा गांधी की 150वीं जयंती वर्ष की तैयारियों जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।

संसद का पहला सत्र मोदी सरकार के लिए महत्वपूर्ण होगा। इसमें सरकार केंद्रीय शैक्षणिक सस्थान विधेयक, तीन तलाक, जम्मू कश्मीर आरक्षण (संशोधन विधेयक 2019) अंतर्राष्ट्रीय विधेयक 2019, विशिष्ट आर्थिक विधेयक क्षेत्र (संशोधन विधेयक 2019) सहित आधार व अन्य कानून संशोधन (विधेयक 2019) को सत्र में ला सकती है। सरकार को इस सत्र में पिछली सरकार के समय के लागू 10 अध्यादेशों को रद्द कर उनकी जगह पर विधेयक पास कराना भी जरूरी होगा।

लोकसभा का पहला सत्र 17 जून से 26 जुलाई तक बुलाया गया है। आर्थिक सर्वेक्षण 4 जुलाई को और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 5 जुलाई को इस सरकार का पूर्ण बजट पेश करेंगी। लोकसभा स्पीकर का चुनाव 19 जून को होगा। संसद के पहले सत्र के दौरान 40 दिनों के अंतराल में लोकसभा की 30 और राज्यसभा की 27 बैठकें आयोजित की जाएँगी।