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उत्तराखंड में चीनी सीमा से सटे पहाड़ी इलाकों में हवाई क्षेत्र का निर्माण करेगी भारतीय सेना

भारतीय सेना उत्तराखंड सरकार के समर्थन से वहाँ चीन की सीमा से लगे पहाड़ी इलाकों में हवाई क्षेत्र का निर्माण करेगी। इसका उद्देश्य कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के साथ रक्षा तैयारियों को भी पूरा करना है।

भारत रक्षा समाचार की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड सरकार के साथ काम करते हुए सेना और वायु सेना चीन के साथ सटे सीमा क्षेत्रों में कनेक्टिविटी, बुनियादी ढाँचे और दूरसंचार सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए हर तरह से सहायता प्रदान करेगी।

राज्य के ऊँचाई वाले क्षेत्रों में लैंडिंग की सुविधा भारतीय सेना के लिए चीन द्वारा किसी भी आक्रामकता पर बलों को जल्दी से जल्दी जुटाना आसान बना देगी।

रिपोर्ट में भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा, “हाल ही में मैं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मिला तो उन्होंने चीन की सीमा से लगे क्षेत्रों में उन्नत लैंडिंग ग्राउंड या एयरफील्ड का निर्माण करने की बात कही। हम तेजी से इस पर काम कर रहे हैं।”

जनरल रावत रविवार (3 नवंबर) को उत्तराखंड में टिहरी झील के किनारे आयोजित रायबर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, “सेना सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय लोगों की मदद कर रही है, जो अखरोट और पाइन-नट की खेती करते हैं।”

2014 में सत्ता में आने के बाद से नरेंद्र मोदी सरकार बड़े पैमाने पर सीमा क्षेत्रों के पास रणनीतिक उद्देश्यों के लिए सड़कों को बेहतर बनाने और ऊँचाई वाले हवाई क्षेत्रों के निर्माण पर खास ध्यान दे रही है। रक्षा तैयारियों को बढ़ाने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में सभी मौसम वाली सड़कों, संचार लाइनों और रेलवे का बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है।