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कांवड़ यात्रा निलंबन के बाद रावत सरकार पीतल के कलशों में पहुँचाएगी गंगाजल

कोविड-19 महामारी की वजह से वार्षिक कांवड़ यात्रा और मेले के निलंबन के बीच त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व वाली उत्तराखंड सरकार ने गंगाजल को भक्तों तक पहुँचाने के सार्थक संकेत दिए हैं।

यात्रा के निलंबन की घोषणा पिछले सप्ताह की गई थी। श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने गंगाजल को उन तक पहुँचाने का फैसला किया है। दरअसल, कांवड़ यात्री श्रावण (सावन के रूप में भी जाना जाता है) के महीने में भगवान शिव व गंगा की पूजा करने के लिए हरिद्वार में गंगा घाटों तक पैदल यात्रा करते हैं।

उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक ने घोषणा की कि गंगाजल ले जाने वाले पीतल के कलश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भेजे जाएँगे।

रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि रावत सरकार हरिद्वार में हरकी पौड़ी से लिए गए गंगाजल को पीतल के कलश में भेजना शुरू कर देगी।

अन्य राज्यों की सरकारों ने पहले कहा था कि वे इस साल कोविड-19 की वजह से पारंपरिक तरीके से कांवड़ यात्रा के संचालन में मदद करने में सक्षम नहीं होगी।

यात्रा के निलंबन पर उत्तराखंड सरकार के साथ उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा सहमत हो गए हैं। राज्य की रिपोर्ट के अनुसार, आशंका जताई जा रही है कि कुछ तीर्थयात्री हरिद्वार में प्रवेश करने की कोशिश करेंगे।

इस पर हरिद्वार जिला प्रशासन ने साफ कर दिया कि यात्रा अभी स्थगित है। निर्देश जारी हो चुका है कि अगर वे यहाँ आते हैं तो उन्हें 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन कर दिया जाएगा।