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आज़मगढ़- सामूहिक दुष्कर्म उत्तरजीविका का स्कूल से नाम काटने पर प्रधानाचार्य की जाँच

उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जिले में एक स्कूल के प्रधानाचार्य के खिलाफ जाँच के आदेश हुए हैं। उसने कथित तौर पर एक छात्रा को कक्षा में बैठने से इसलिए मना कर दिया क्योंकि उसके साथ दो लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था।

द इंडियन एक्सप्रेस  की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानाचार्य ने आरोपों से इनकार किया है। उसका कहना है, “मैंने पीड़िता को घर पर रहने के लिए तब तक कहा, जब तक मामला हल नहीं हो जाता।” आज़मगढ़ के जिला मजिस्ट्रेट ने पुलिस को मामले की जाँच के आदेश दिए। उन्होंने कहा, “स्कूल चलाने के लिए उनके पास सरकारी मान्यता नहीं थी। वह एक छोटा निजी कोचिंग सेंटर था।”

बीते गुरुवार (19 सितंबर) को यह घटना हुई थी। पीड़िता के घरवालों को आरोप है कि पुलिस ने तीन दिन बाद मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने 23 सितंबर को आरोपियों को गिरफ्तार किया।

ग्राम प्रधान ने बताया, “छात्रा गुरुवार को स्कूल जा रही थी, तभी एसयूवी सवार दो लोग उसे उठाकर ले गए। उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उसे सुनसान इलाके में फेंककर चले गए। पीड़िता के कपड़े खून से लथपथ थे। उसे स्कूल ले जाया गया। प्रधानाचार्य ने पुलिस को सूचित करने की बजाय पीड़िता के माता-पिता को बुलाया और कहा, “वह स्कूल के रिकॉर्ड से उसका नाम हटा रहे हैं।”

एसडीएम प्रियंका का कहना है, “प्रधानाचार्य ने इस बात से इनकार किया है कि उन्होंने किसी भी छात्र को स्कूल से निकाल दिया है लेकिन वह विद्यार्थियों की उपस्थिति का रजिस्टर देने में विफल रहे। इस पर प्रधानाचार्य को सभी संबंधित दस्तावेजों को उपलब्ध करवाने का आदेश दिया गया है।”

एसएचओ शेर सिंह तोमर ने बताया, पीड़िता के पिता की तहरीर पर दोनों आरोपियों के खिलाफ पास्को अधिनियम सहित कई अन्य धाराओं में भी मामला दर्ज किया गया है।