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उत्तर प्रदेश पुलिस ने पाँच गौ-तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा

गौ-तस्करी के बाद एक युवक की गोली मारकर हत्या करने के आरोप में पीलीभीत पुलिस ने सोमवार (29 अगस्त) को पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं मृतक की पहचान 23 वर्षीय सोनपाल के रूप में हुई हैं, जो मोहनपुर बबुरा गाँव का रहने वाला था।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, सोनपाल 21 अगस्त को अपने घर के पास एक झोंपड़ी में सो रहा था। जब उसने आसपास के इलाकों से शोर सुना तो वे उठकर बाहर निकले, उन्होंने पाया कि पशु तस्कर बछड़े को चुराने की कोशिश कर रहे हैं। उसने तस्करों का सामना करने का फैसला किया, जिसके बाद उसे कई बार गोली मारी गई। गंभीर रूप से घायल सोनपाल को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी मृत्यु रास्ते में ही हो गई।

रविवार (25 अगस्त) को पुलिस ने लेलहर-बमरौली मार्ग पर जाँच के दौरान एक कार को रोकने की कोशिश की, जिसके बाद उसमें सवार यात्रियों ने अधिकारियों पर गोलियाँ चला दी। पुलिस ने बाद में तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान तीनों ने सोनपाल की हत्या कबूल किया और अपने दो साथियों के नाम भी बताए। बाद में पुलिस ने उन्हें भी शाहजहाँपुर जिले से गिरफ्तार कर लिया।

पाँचों आरोपियों की पहचान रविउल्ला, इश्तियाक, हसीब, फरीद और मेंहदी हसन के रूप में हुई है। कहा जा रहा है कि इनमें से कई पेशेवर अपराधी है और हसीब के खिलाफ 14 मामले लंबित हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें सोनपाल की हत्या से सिर्फ पाँच दिन पहले ही जमानत पर रिहा किया गया था।

स्वराज्य ने 2018 से पशु चोरों द्वारा हत्याओं का संकलन किया है। संकलन में सोनपाल की हत्या के साथ कुलसंख्या 22 हो गई हैं। संकलन में यह पाया गया कि 22 में से 21 पीड़ित हिंदू हैं, जबकि हत्याओं के लिए गिरफ्तार किए गए लगभग 100 प्रतिशत आरोपी मुसलमान हैं। यह संकलन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह देश के विभिन्न हिस्सों में पशु चोरी के बाद बढ़ते सांप्रदायिक तनाव की व्याख्या कर सकता है।