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जेवर हवाई अड्डा विश्व की 100 रणनीतिक वैश्विक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में शामिल
आईएएनएस - 6th March 2020

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के लिए जेवर हवाई अड्डा बड़ी उपलब्धि बन गया है। इस हवाई अड्डे का पहला चरण 2020 के लिए दुनिया की 100 रणनीतिक वैश्विक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना में शामिल किया गया है।

उत्तर प्रदेश (भारत) और यूगोस्लाविया को पूरी दुनिया में विमानन के क्षेत्र में चुना गया है। इसे सीजी एलए इंफ्रास्ट्रक्चर सूची में मान्यता दी गई है।

25 से 27 मार्च को यूएस के न्यूयॉर्क में होने वाले 13वें ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर लीडरशिप फोरम में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जेवर हवाई अड्डे की सफलता की कहानी पेश की जाएगी। फोरम ने उत्तर प्रदेश सरकार को निमंत्रण भेजा है। यूपी को दो सत्रों में अपनी प्रस्तुति देनी होगी।

उल्लेखनीय है कि जेवर तहसील के छह गाँवों रोही, परोही, किशोरपुर, दयानतपुर, रानेरा और बनवारी की 1,334 हेक्टेयर भूमि को जेवर अंतर-राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए पहले चरण में अधिग्रहित किया गया है।

ज्यूरिच एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी द्वारा बनाया जा रहा यह हवाई अड्डा चीन के शंघाई अंतर-राष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाद एशिया का दूसरा सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा। वहाँ पर इसका तेजी से काम चल रहा है।

सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, जेवर ग्रीनफील्ड अंतर-राष्ट्रीय हवाई अड्डा राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा। 30,000 करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाली इस परियोजना से सरकार को 1.10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की आय होने की उम्मीद है।

इसमें एक लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। यह हवाई अड्डा नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और यमुना एक्सप्रेस-वे के लिए लगभग एक लाख करोड़ रुपये का निवेश लाएगा।

यह दुनिया का पाँचवाँ सबसे बड़ा हवाई अड्डा होगा। ग्रेटर नोएडा के जेवर में लगभग 5000 हेक्टेयर ज़मीन पर हवाई अड्डे का काम तीव्र गति से चल रहा है। प्रस्ताव के अनुसार, 2022-23 में उड़ानें शुरू होंगी।