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लंदन पुल हमलावर उस्मान कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के कैदी पुनर्वास कार्यक्रम का चेहरा था

लंदन पुल पर हमला करने वाले उस्मान खान को लर्निंग टुगेदर पुनर्वास कार्यक्रम की सफलता की कहानी के रूप में सम्मानित किया गया है।

द लंदन टेलीग्राफ की खबर के अनुसार कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय द्वारा चलाया जा रहा यह कार्यक्रम कैदियों को शिक्षित करने की एक पहल है। कैंब्रिज विश्वविद्यालय के लर्निंग टुगेदर पुनर्वास कार्यक्रम के तहत उस्मान के साथ जेल में और जेल से रिहा होने के बाद काम किया था।

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय ने उस्मान को एक सफल अध्ययन के रूप में प्रस्तुत कर यह प्रदर्शित किया कि कैसे इस कार्यक्रम ने उस्मान जैसे कैदियों की मदद की।

खान ने लंदन में लर्निंग टुगेदर कार्यक्रम में जाने की अनुमति प्राप्त करने के लिए कार्यक्रम में अपने संबंधों का उपयोग किया। वहीं उसने कई लोगों को मार डाला और घायल कर दिया जो कार्यक्रम में उनकी मदद कर रहे थे।

आतंकी हमले में मारे गए पीड़ितों में से एक जैक मेरिट को कैदी पुनर्वास कार्यक्रम में उस्मान खान का गुरु माना गया और जैक ने विश्वास दिलाया, “उस्मान के मोचन के लिए मैं उसका मार्गदर्शन कर सकता हूँ।”

उस्मान खान ने कथित तौर पर लर्निंग टूगेदर के आयोजकों को एक कविता और एक धन्यवाद पत्र लिखा, जब उन्होंने उसे कंप्यूटर प्रदान किया क्योंकि उसकी जमानत की शर्त के अनुसार उस्मान का ऑनलाइन जाना निषेध कर दिया गया था।

उस्मान को फरवरी 2012 में लंदन स्टॉक एक्सचेंज में बम  रखने की साजिश रचने और पाकिस्तान के नियंत्रण वाले कश्मीर में खान के परिवार की अधिकृत जमीन पर आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर बनाने के आरोपों में दोषी ठहराया गया था।

उस्मान खान को अपनी 16 साल की सजा में से सिर्फ आठ साल की सजा काटने के बाद उसे रिहा कर दिया गया और उसे पुनर्वास कार्यक्रम में रखा गया था।