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अमेरिका की चेतावनी, “दलाई लामा का वारिस चुनने की प्रक्रिया में चीन ना करे हस्तक्षेप”

अमेरिका के जो बाइडन प्रशासन ने चीनी सरकार को साफ तौर पर चेतावनी दी है कि तिब्बत के आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा का वारिस चुनने की प्रक्रिया में उसकी कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, “हमारा मानना है कि चीन की शी जिनपिंग सरकार का तिब्बत के आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा का वारिस चुनने की प्रक्रिया में कोई हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।”

विदेश मंत्रालय ने आगे कहा, “25 वर्ष से अधिक समय पहले पंचेन लामा के उत्तराधिकार की प्रक्रिया में भी बीजिंग ने हस्तक्षेप किया था। इसकी वजह से पंचेन लामा को बचपन में गायब करना और फिर पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना सरकार द्वारा चुने गए उत्तराधिकारी को उनकी जगह देने की कोशिश करना धार्मिक स्वतंत्रता के घोर उल्लंघन को दर्शाता है।”

बता दें कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी दिसंबर में एक कानून पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें तिब्बत में वाणिज्य दूतावास स्थापित करने और एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की बात की थी, ताकि अगले दलाई लामा को सिर्फ तिब्बती बौद्ध समुदाय ही चुने।