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अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में सैन्य गतिविधियाँ बढ़ाने लिए चीन को लगाई कड़ी फटकार

अमेरिका ने चीन को फटकार लगाते हुए कहा कि वह विवादित दक्षिण चीन सागर में सैन्य गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है। उसका यह कदम क्षेत्र को अस्थिर करने वाला है। इससे यह प्रस्तुत होता है कि वह सेना का उपयोग अंतरराष्ट्रीय जल और वायु क्षेत्र में काम करने वालों को डराने के लिए करता है।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, यूनाइटेड स्टेट्स इंडो-पैसिफिक कमांड (इंडोपाकॉम) के प्रवक्ता अमेरिकी नौसेना के कप्तान माइक काफ्का ने कहा, “थियोडोर रूजवेल्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ने पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी नेवी (पीएलएएन) और वायुसेना (पीएलएएएफ) गतिविधियों की निगरानी की। हालाँकि, उसने अमेरिकी नौसेना के जहाजों, विमानों या नाविकों के लिए खतरा पैदा नहीं किया। फिर भी बढ़ती गतिविधियों को आक्रामक और अस्थिर करने वाली कार्रवाई ही माना जाएगा।”

इंडोपाकॉम के प्रवक्ता ने बताया कि अमेरिका किसी भी क्षेत्र में अपना अभियान जारी रखेगा, जहाँ अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अनुमति है। अमेरिका की पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सैन्य उपस्थिति है। गत 240 वर्षों से वह दक्षिण और पूर्वी चीन सागर के आसपास के जल और वायु क्षेत्र का नियमित रूप से उपयोग कर रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी देशों के लिए एक स्वतंत्र इंडो-पैसिफिक क्षेत्र का समर्थन करने की इच्छा का प्रदर्शन है।”

बता दें कि चीन की ये सैन्य गतिविधियाँ पड़ोसी और प्रतिस्पर्धी क्षेत्रों में दावा करने के साथ अंतरराष्ट्रीय और हवाई क्षेत्र में काम करने वालों को डराने की कोशिश को दर्शाती है। वह दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है। उसने कृत्रिम द्वीपों पर अपनी सैन्य चौकियाँ स्थापित कर रखी हैं। ब्रुनेई, मलेशिया, फिलीपींस, ताइवान और वियतनाम ने भी इसके कुछ हिस्सों पर दावा किया है।