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डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया को लेकर तुर्की को दी अर्थव्यवस्था नष्ट करने की धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्की की अर्थव्यवस्था को नष्ट करने की धमकी दी है। उन्होंने कहा, “अगर उसने उत्तर पूर्वी सीरिया से अमेरिकी सेना के हटने के बाद वहाँ सीमाएँ लांघीं तो ठीक नहीं होगा।”

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ट्वीट्स की एक शृंखला में अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने कदम का बचाव किया, जो तुर्की के लिए सीमा पार कुर्दिश लड़ाकों पर हमला करने का रास्ता खोल सकता है। उनके अमेरिकी सेना की वापसी के निर्णय की रिपब्लिकन सहयोगियों द्वारा भी आलोचना की गई थी।

सीरिया में इस्लामिक स्टेट को हराने में कुर्द सेना अमेरिका की सहयोगी थी। डोनाल्ड ट्रंप के आश्चर्यजनक कदम को कुर्द नेतृत्व वाली सेना ने ‘पीठ में छुरा घोंपने’ के रूप में घोषित किया है। ट्रंप का यह फैसला पेंटागन और राज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की सलाह के विपरीत भी गया।

आलोचकों का कहना है कि वापसी से आईएस के पुनरुत्थान को मदद मिल सकती है। ऐसे में कुर्द बलों पर तुर्की के हमला किए जाने का खतरा बढ़ जाएगा, जो उन्हें आतंकवादी मानते हैं। हालाँकि, ट्रंप ने तुर्की को अमेरिकी सेना के वापस किए जाने का लाभ न उठाने की चेतावनी दे दी है।

पिछले साल अमेरिका ने कुछ तुर्की उत्पादों पर शुल्क बढ़ाया और शीर्ष अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाया क्योंकि दोनों नाटो देशों के बीच संबंध कई मुद्दों पर बिगड़ गए थे।

तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने कहा, “उनका उद्देश्य सीमा क्षेत्र में कुर्द लड़ाकों का मुकाबला करना है। साथ ही वर्तमान में तुर्की में रहने वाले 3.6 मिलियन से अधिक सीरियाई शरणार्थियों में से दो मिलियन तक के लिए सुरक्षित क्षेत्र स्थापित करना है।”

पेंटागन के प्रवक्ता जोनाथन हॉफमैन ने एक बयान में कहा, “रक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि हम उत्तरी सीरिया में तुर्की के अभियान का समर्थन नहीं करते हैं।”