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अमेरिका ने बढ़ते तनाव के बीच चीनी छात्रों और शोधकर्ताओं के प्रवेश पर लगाया प्रतिबंध

हॉन्ग कॉन्ग को लेकर चीन के विरुद्ध प्रतिबंधों की घोषणा के संकेत के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (29 मई) को चीनी विद्यार्थियों के खिलाफ कठोर निर्णय लेने की घोषणा की। उन्होंने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) से संबंध रखने वाले चीन के छात्रों और शोधकर्ताओं के देश में प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “अमेरिका से बौद्धिक संपदा और प्रौद्योगिकी हासिल करने के लिए स्नातक छात्रों का इस्तेमाल करने की चीन की कोशिशों को खत्म करने के लिए यह कदम उठाया गया है।”

इस पर चीन ने उसके छात्रों पर प्रतिबंध को नस्लवादी बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “चीन ने अपनी सेना पीएलए के आधुनिकीकरण के लिए संवदेनशील अमेरिकी प्रौद्योगिकियों और बौद्धिक संपदा को हासिल करने का व्यापक अभियान चलाया है। यह गतिविधियाँ अमेरिका की दीर्घकालीन आर्थिक शक्ति और हमारे लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा है।”

उनका आरोप है कि चीन अपने कुछ छात्रों का उपयोग बौद्धिक संपदा को एकत्रित करने के लिए करता है। इसे देखने के बाद अमेरिका में पढ़ाई या शोध करने के लिए एफ या जे वीजा मांगने वाले कुछ चीनी नागरिकों का प्रवेश अमेरिका के हितों के लिए खतरनाक होगा।