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चीनी वीडियो ऐप टिक-टॉक के खिलाफ अमेरिका ने शुरू की जाँच, देश के लिए खतरा बताया

चीनी वीडियो ऐप निर्माता कंपनी टिक-टॉक के खिलाफ अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा के अंतर्गत जाँच के आदेश दिए हैं। इसकी जाँच का जिम्मा अमेरिका में विदेशी निवेश पर अंतर-एजेंसी समिति (सीएफआईयूएस) को सौंपा गया है।

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2017 में बाइटडांस नामक चीनी कंपनी ने करीब 100 करोड़ अमेरिकी डॉलर में म्यूजिकल.ली कंपनी को खरीदा था। अब अमेरिकी एजेंसियाँ इस बात की भी पड़ताल करेंगी।

मालूम हो कि बाइटडांस ने सीएफआईयूएस की अनुमति के बिना ही म्यूजिकल.ली को खरीद लिया था। अमेरिकी कानून के जानकरों के अनुसार, अमेरिकी कानून विदेशी कंपनियों पर कार्रवाई की पूरी छूट देता हैं।

अमेरिकी सांसद मैक्रो रुबीओ ने पिछले माह ही टिक-टॉक की 2017 की खरीद में गड़बड़ी का अंदेशा जताते हुए जाँच की मांग की थी। रुबीओ ने यह भी कहा था, “टिक-टॉक चीनी सरकार के हुक्म पर चलता है।”

टिक-टॉक ने हॉन्ग-कॉन्ग में चीन के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन और चीन में मुस्लिमों के साथ हो रहे जुल्मों की रिपोर्टिंग पर प्रतिबंध लगा दिया था। रुबीओ ने इस पर भी सवाल उठाए थे। वहीं, टिक-टॉक ने चीनी सरकार की कठपुतली होने की बात को गलत बताया है और रुबीओ के सभी आरोपों को सिरे से ख़ारिज किया है।