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पोम्पियो-जयशंकर भेंट से भारत को चाबहार बंदरगाह पर अमेरिकी सहायता का आश्वासन

ईरान के सिस्तान और बलुचिस्तान प्रांत में भारत द्वारा विकसित चाबहार बंदरगाह परियोजना को एक बड़ा समर्थन हासिल हुआ है। अमेरिका ने भारत को एक लिखित आश्वासन दिया है जो बिना किसी प्रतिबंध के इस परियोजना के लिए 8.5 करोड़ डॉलर की लागत वाले उपकरणों की खरीद के लिए वैश्विक बैंकों को निधि की सुविधा प्ररदान करने में मदद करेगा।

हिंदू बिज़नेसलाइन की खबर के अनुसार भारत लंबे समय से, यानी कुछ दो वर्षों से उपकरणों की खरीद का आदेश देने में असमर्थ था क्योंकि अमेरिका ने नवंबर 2018 में ईरान पर प्रतिबंध लगा दिया था। प्रतिबंधों के कारण, कोई भी बैंक उपकरणों की खरीद के लिए ऋण पत्र को मंजूरी देने की स्थिति में नहीं था।

आपको बता दें कि केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर अपनी 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता के लिए अमेरिका की यात्रा पर थे जिसके बाद अमेरिका की ओर से ताजा आश्वासन मिला है। अपनी यात्रा के दौरान जयशंकर ने अमेरिका के सचिव माइक पोम्पियो के साथ बातचीत की। गौरतलब है कि इस बैठक से पहले, अमेरिका ने केवल मौखिक आश्वासन देने की पेशकश की थी।

चाबहार बंदरगाह को भारत पोर्ट्स ग्लोबल और आरिया बानाडेर ईरानी पोर्ट के बीच 60-40 के अनुपात का संयुक्त उद्यम है जिसका राजस्व ईरान और भारत केे बीच एक सहमत सूत्र के तहत साझा किया जाना है। बंदरगाह पहले चरण में10 साल के किराए पर भारत के नियंत्रण में रहेगा।

अफगानिस्तान और मध्य एशिया में क्षेत्रीय समुद्री पारगमन यातायात के विकास के उद्देश्य से भारत के लिए चाबहार बंदरगाह रणनीतिक महत्व रखता है।