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पाकिस्तान हिंदू व ईसाई युवतियों को चीन में शादी करने को विवश करता है- अमेरिका

पाकिस्तान धार्मिक रूप से अल्पसंख्यक ईसाई और हिंदू महिलाओं को चीन में जबरदस्ती विवाह करने के लिए विवश करता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वे वहाँ अच्छी स्थिति में नहीं है। अल्पसंख्यकों के साथ वहाँ भेदभाव होता है। यह कहना है अमेरिका के शीर्ष राजनयिक सैमुअल ब्राउनबैक का।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राजनयिक ने कहा, “एक मुश्किल वेबिनार हुआ, जो चीन में जबरन दुल्हन बनाई गयी युवतियों पर केंद्रित था। यह सब करने वाला पाकिस्तान है। ईसाई और हिंदू महिलाओं को चीन में जबरन दुल्हन बनाकर भेजा जाता है। वहाँ इन समुदायों को खास समर्थन नहीं मिलता है। फिर वहाँ धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव होता है, जो उन्हें अधिक कमजोर बनाता है।”

उन्होंने कहा, “पाकिस्तान में धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन सरकार द्वारा किया जाता है, जबकि भारत में ये बातें सांप्रदायिक हिंसा के दौरान देखने को मिलती हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि भारत में समस्याएँ नहीं हैं। हिंसा एक समस्या है। हम उन मुद्दों को उठाते रहेंगे। ये कुछ बातें हैं, जिनके आधार पर पाकिस्तान सीपीसी की सूची में बना हुआ है और भारत नहीं है।”

सैमुअल ब्राउनबैक ने कहा, “हम निर्णय लेते समय यह भी देखते हैं कि सांप्रदायिक हिंसा के बाद पुलिस और न्यायिक कार्रवाई हुई है या नहीं। ईशनिंदा के आरोप में पूरे विश्व में जितने लोग बंद हैं, उनमें से आधे पाकिस्तान की जेलों में हैं।”